understanding lightroom

understanding lightroom tools in easy steps hindi tutorial

understanding lightroom tools

अडोबी लाइटरूम फोटोग्राफरों के बीच बहुत ही लोकप्रिय सॉफ्टवेयर है। वैसे तो लाइटरूम की बहुत सी खसियतें हैं लेकिन मुख्यतः इसे इसके बैच प्रोसेसिंग  की क्षमता और आसान वर्क फ़्लो के लिए जाना जाता है। 

हाँ शुरुआत में जब आप इसे इस्तेमाल करना शुरू करते हैं तो थोड़ा कठिन लग सकता है लेकिन बहुत जल्दी ये समझ में आ जाता है 

मैं उम्मीद करता हूँ की अब तक आपने लाइटरूम के बारे में थोड़ी सी बेसिक जानकारी ले ली होगी और इसे अपने कंप्युटर पर इंस्टॉल कर लिया होगा। यदि नहीं किया है तो मेरे दूसरे आर्टिकल introduction to lightroom और how to import in lightroom पढ़ कर लाइटरूम को इंस्टॉल कर लें और फ़ोटो इम्पोर्ट भी कर लें। 

लाइटरूम ओपन करने पर जो module सबसे पहले दिखता है वो है library, यहाँ आप लाइटरूम में इम्पोर्ट की हुई फ़ोटोज़ को देख सकते। किसी फोटो को एडिट करने के लिए आपको develop module में जाना होगा। जो की library के बगल में है। ये आपको नीचे की फोटो में दिख जाएगा। 

तो एडिट करने के लिए पहले develop module में आ जाइए। 

develop module कुछ ऐसा दिखता है 

यहाँ बाईं तरफ आप presets सेक्शन देख सकते हैं उसके बाद बीच में मैं एडिटिंग एरिया जहां आपको काम करना है और उसके बाद टूल्स सेक्शन है जहां से आपको अपने काम के टूल्स select करने हैं काम करने के लिए। नीचे एक फिल्म स्ट्रिप भी दिख रही है ये आपको एक फोटो से दूसरे फोटो पर जाने में सहायता करती है। 

एडिटिंग शुरू करने से पहले मैं एक और बात बात दूँ। आप स्क्रीन के चारों साइड देखिए बीच में आपको 4 छोटे छोटे arrow नजर आएंगे इनको क्लिक करने से उसके साथ का section स्क्रीन से गायब हो जाता है। इससे आपको काम करने के लिए थोड़ा बड़ा डिस्प्ले मिल जाता है। 

develop cleaned

उदाहरण के लिए tools section को छोड़ कर बाकी sections  हटा देने से स्क्रीन कुछ ऐसा दिखेगा। यदि आपको एडिटिंग के बीच किसी दूसरे सेक्शन को ओपन करने की जरूरत पड़े तो आपको सिर्फ अपना माउस उस section के arrow के ऊपर ले जाना है। वो section आपको दिखने लगेगा। और जैसे ही माउस को वहाँ से कहीं और ले जाएंगे वो सेक्शन फिर से गायब हो जाएगा। यदि आपको कोई section हमेशा दिखते रहने वाला चाहिए तो उस section के arrow पर क्लिक करें वो सेक्शन पुरानी वाली स्थिति में आ जाएगा। 

नीचे हम जिन sections के बारे में जानेंगे वो ये हैं.

एडिटिंग टूल्स सेक्शन में आपको सबसे ऊपर histogram और उसके नीचे 6 टूल्स दिखेंगे।  

main tools 

1 crop 

2 spot removal 

3 red eye correction 

4 graduated filter 

5 radial filter 

6 adjustment brush 

उनके नीचे आपको बहुत से स्लाइडर दिखेंगे जो कई sub sections में बंटे हुए हैं। 

1 basic

2 tone curve 

3 HSL / color 

4 color grading 

5 detail 

6 lens correction 

7 transform 

8 effects 

9 Calibration

आइए देखते हैं किस टूल से आप क्या कर सकते हैं। 

crop

इस सेक्शन से आप फोटो को crop कर सकते हैं। यहाँ एक straighten टूल भी है जिससे आपने यदि फोटो लेते समय कैमरे को थोड़ा टेढ़ा पकड़ लिया था तो यहाँ से आप उस फोटो को सीधा भी कर सकते हैं। 

spot removal

कभी कभी किसी फोटो में कुछ अनचाही चीजें भी आ जाती हैं जिनकी वजह से फोटो खराब दिखने लगती है। इस टूल की मदद से आप उस गड़बड़ वाली जगह पर कोई दूसरी जगह को कॉपी कर सकते हैं। जिससे फोटो की गड़बड़ी छुप जाए। 

red eye correction 

कई बार जब आप फ्लैश के साथ फोटोग्राफी करते हैं तो आपके मॉडल की आँखों में एक लाल रंग का निशान दिखने लगता है। इस टूल से उसे आसानी से ठीक कर सकते हैं। 

graduated filter और radial filter

लाइटरूम में जो भी स्लाइडर दिए गए हैं उनका असर पूरे फोटो पर होता है लेकिन कई बार ऐसा होता है की effect शुरुआत में ज्यादा दिखे और जैसे जैसे आगे बढ़े effect धीरे धीरे काम होता जाए। तो इस काम के लिए इन दोनों  filters को इस्तेमाल करते हैं।  दोनों ही फ़िल्टर एक ही काम में आते हैं लेकिन graduated filter में effects एक लाइन में आगे बढ़ती हैं और radial फ़िल्टर में सेंटर में इफेक्ट ज्यादा होता है और उसके बाद जैसे जैसे आगे बढ़ेंगे चारों तरफ इफेक्ट कम होता जाता है। 

adjustment brush 

कई बार ऐसा होता है की कोई इफेक्ट आपको किसी खास स्थान पर ही चाहिए होता है पूरे फोटो में नहीं। तो जहां आपको ये इफेक्ट चाहिए होता है वहाँ पर आपको इस ब्रश से पेंट कर के अपना मनचाहा इफेक्ट पा सकते हैं। 

इन तीनों फिलटर्स के बारे में बाद में विस्तार से बताऊँगा। 

अब आते हैं sliders पर जो आपके एडिटिंग का मुख्य हथियार हैं। 

basic

इसके अंदर सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने sliders हैं 

इस सेक्शन को भी कई सब सक्शन में बाँटा गया है।

पहला है WB

यहाँ temperature स्लाइडर से आप फोटो की white balance को अजस्ट कर सकते हैं। जब आप कोई फोटो खींचते हैं तो फोटो पर वहाँ मौजूद लाइट का असर दिखता है। जैसे यदि फोटो खींचते समय वहाँ पर कोई orange स्ट्रीट लाइट जल रही हो तो फोटो भी थोड़ी ऑरेंज या पीली टोन के साथ आएगी

इसी तरह यदि कमरे में tube light जल रही हो तो फोटो में थोड़ा स ब्लू टोन आ जाएगा। इसी ब्लू या पीली टोन के असर को काम करने के  लिए ये स्लाइडर इस्तेमाल की जाती है। 

आप देख सकते हैं की स्लाइडर के एक तरफ ब्लू रंग है और दूसरी तरफ पीला। आप स्लाइडर को जिस तरफ बढ़ाएंगे आपके फोटो में पीला या ब्लू उतना बढ़ता जाएगा।

इसलिए यदि आपकी फोटो में थोड़ा सा पीला टोन है तो आप स्लाइडर को थोड़ा स ब्लू की तरफ बढ़ा कर ठीक कर सकते हैं। उसी तरह tint स्लाइडर से भी आप फोटो में हरा या लाल रंग की मात्रा को अजस्ट कर सकते हैं। 

lightroom basic sliders

इसके बाद आता है टोन सेक्शन।

यहाँ 6 अलग अलग स्लाइडर हैं। 

1 exposure : इस स्लाइडर से आप फोटो की ओवर ऑल brightness बढ़ा या घटा सकते हैं। 

2 contrast : इस स्लाइडर से आप फोटो में contrast बढ़ा या घटा सकते हैं । 

3 highlight : इस स्लाइडर से भी इमेज की brightness बदलती है, लेकिन ये स्लाइडर सिर्फ highlighted एरिया पर ही काम करता है मिड टोन या शैडो वाले एरिया पर इसका इफेक्ट नहीं होता। जब आपको फोटो के highlighted एरिया की brightness कम या ज्यादा करनी हो तो इस स्लाइडर का इस्तेमाल करते हैं। 

shadows : ये स्लाइडर भी highlight स्लाइडर की तरह ही काम करता है लेकिन इसका असर सिर्फ डार्क या shadow वाले एरिया पर ही पड़ता है इससे आप अपने फोटो के डार्क हिस्से को और डार्क या bright कर सकते हैं। 

व्हाइट: ये स्लाइडर भी पहले के स्लाइडर के तरह ही काम करता है लेकिन इसका असर फोटो मे मौजूद सफेद रंग पर ही होता है। दूसरे रंगों पर इसका असर ना या ना के बराबर होता है। 

ब्लैक : इस स्लाइडर का असर सिर्फ काले हिस्से पर पड़ता है। बाकी रंगों पर इसका असर नहीं होता। 

याद रहे प्रत्येक हल्के रंग में थोड़ा सा सफेद और प्रत्येक गाढ़े रंग में थोड़ा सा काला जरूर होता है इसलिए जब आप white या black स्लाइडर को एक सीमा से ज्यादा आगे पीछे करेंगे तो फोटो के बाकी रंगों पर भी इस स्लाइडर का असर दिखने लगेगा 

अब आता है presence सेक्शन 

Texture और clarity  : इन दोनों स्लाइडरों से फोटो के texture को कम या ज्यादा किया जा सकता है। 

dehaze: किसी की फोटो में जब आपको थोड़ा सा कुहासा या ऐसा कुछ दिखे तो इस स्लाइडर से आप उसको कम या ज़्यादा कर सकते हैं 

vibrance और saturation : ये दोनों स्लाइडर फोटो में ओवर ऑल रंगों की intensity को काम या ज्यादा कर सकते हैं। दोनों ही स्लाइडर से एक ही काम होता है लेकिन vibrance स्लाइडर स्किन टोन को छोड़ कर काम करता है। इसका अर्थ ये हुआ की vibrance स्लाइडर के इस्तेमाल से आपकी फोटो के स्किन टोन पर कम असर होगा। 

इसके बाद अगला सेक्शन है Tone Curve

टोन कर्व से आप फोटो की डार्क या लाइट हिस्सों को डार्क या लाइट कर सकते हैं । आप बीच में देख सकते हैं एक सफेद रेखा जो फोटो के डार्क और लाइट हिस्सों को कंट्रोल करता है। नीचे का  हिस्सा गहरे रंगों पर असर डालता है और ऊपर का हिस्सा हल्के रंगों पर। बीच का हिस्सा मिड टोन पर असर डालता है। 

जब आप इस लाइन को ऊपर या नीचे करते हैं तो दोनों छोरों पर तो कोई अंतर नहीं पड़ता लेकिन बीच की रेखा मुड़ जाती है आप रेखा को जितना ऊपर या नीचे की तरफ ले जाएंगे फोटो उतनी डार्क या लाइट होती जाएगी। 

यदि आप सिर्फ गहरे या हल्के रंगों को ही बदलना चाहते है तो आप अपनी जरूरत के हिसाब से रेखा के बीच एक कंट्रोल पॉइंट बना सकते हैं रेखा पर उस जगह क्लिक कर के। कंट्रोल पॉइंट एक बिन्दु जैसा दिखता है।

जब आप कंट्रोल पॉइंट बना लेते हैं और उसके बाद रेखा को ऊपर या नीचे करते हैं तो रेखा सिर्फ कंट्रोल पॉइंट तक ही मुड़ती है। इससे आप जहां तक चाहते हैं वहीं तक इस रेखा के मुड़ने का असर होता है उसके आगे नहीं। 

इस सेक्शन के ऊपरी हिस्से में आपको 4 गोले (circle ) देख सकते हैं। सफेद गोले को select करने से पूरे फोटो पर असर होता है और बाकी तीनों गोलों में से किसी को select करने से सिर्फ उसी रंग पर इसका असर होता है। 

इसके अलावा नीचे आप स्लाइडर भी देख सकते हैं, ये स्लाइडर भी उसी काम में आते हैं जो सफेद रेखा करती है सिर्फ काम करने का तरीका अलग है 

tone curve slider

HSL /  Color सेक्शन 

इसके अंदर चार सब सेक्शन हैं hue , saturation, luminance और all 

पहले saturation section के बारे में जानते हैं। 

यहाँ आप अलग अलग रंगों के स्लाइडर देख सकते हैं। ये सभी स्लाइडर अपने अपने रगों की मात्रा को अजस्ट करते हैं। जिस रंग का स्लाइडर आप adjust  करेंगे उसका असर सिर्फ उसी रंग पर पड़ेगा । दूसरे रंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा 

जैसे यदि आपने red स्लाइडर को आगे बढ़ाया तो फोटो में मौजूद सिर्फ लाल रंग की मात्रा बढ़ेगी  बाकी के रंग वैसे के वैसे रह जाएंगे 

इसी तरह hue सेक्शन में भी सारे रंगों के स्लाइडर हैं। लेकिन एक स्लाइडर adjust करने से सिर्फ उस रंग का hue बदलता है। बाकी के रंग वैसे के वैसे रह जाते हैं 

तीसरा स्लाइडर है luminance। इस section में भी वही सारे रंगों के स्लाइडर हैं जो बाकी दोनों sections में हैं। इस सेक्शन के sliders को adjust करने से उस रंग का luminance बदलता है। यानि की रंग की चमक घटती या बढ़ती है। 

चौथा सेक्शन all  है जिसमें hue, saturation और luminance तीनों  सेक्शन एक साथ मिल जाएंगे। उसमें कुछ अलग नहीं है। 

hsl slider

अगला section है color grading 

ये एक नया सेक्शन जोड़ा गया है लाइटरूम  में, वैसे तो ये पहले भी लाइटरूम में था लेकिन उसका नाम कुछ और था और इतना advance भी नहीं था, यहाँ आप 3 गोले देख सकते हैं जो मिडटोन, शैडो और हाइलाइट के लिए हैं 

हर गोले के बीच एक छोटा गोल भी दिख रहा होगा आपको, उस छोटे गोले को आप बड़े गोले में जिस तरफ घुमाएंगे आपकी फोटो पर उस रंग का असर दिखने लगेगा। 

उस गोले के नीचे एक स्लाइडर भी दिख रहा है, उस स्लाइडर से आप ये तय कर सकते हैं की फोटो के कितने brightness तक ये color effect दिखे। नीचे blending और balance नाम के दो स्लाइडर भी हैं, ये दोनों स्लाइडर ओवर ऑल color grading के effect को adjust करते हैं। 

ऊपर भी आप कुछ छोटे छोटे गोले देख सकते हो। उन गोलों पर क्लिक करने से आपको जो तीन बड़े वाले गोले दिख रहे हैं उनकी जगह पर एक फुल साइज़ गोला दिखने लगेगा । यदि आप बड़े गोले पर काम करने में ज्यादा comfortable महसूस करते हैं तो इसको इस्तेमाल कर सकते हैं। 

ऊपर में आपको एक चौथा गोला भी दिख रहा होगा जो कि ग्लोबल इफेक्ट देता है। ये सिर्फ मिडटोन, या शैडो या हाइलाइट पर काम नहीं करता पूरे फोटो पर काम करता है।  इसलिए इस गोले पर काम करना बहुत अच्छा नहीं माना जाता। 

एक बात और बात दूँ। color grading को beginners friendly नहीं माना जाता इसलिए मैं आपको सलाह दूंगा की पहले आप ऊपर के sections से ही काम कीजिए जब आपको लगने लगे की अब आप color grading सीखने को तैयार हैं तभी इसमें हाथ डालें। 

colour grading

अगला सेक्शन है detail 

यहाँ दो सब सेक्शन हैं पहला sharpening और दूसरा noise reduction 

पहले सेक्शन में 4 अलग अलग स्लाइडर हैं को आपके इमेज की sharpness बढ़ा सकते हैं 

दूसरा सेक्शन है noise reduction का। जब आप लो लाइट में फोटो लेते हैं तोकई बार आपको iso बढ़ कर फोटो लेनी होती होगी जिससे इमेज में noise ाॅ जाती है जो देखने में बुरी लगती है। तो इस सेक्शन से आप noise काम कर सकते हैं। 

एक बात याद रखें यदि आप ज्यादा noise कम करने की कोशिश करेंगे तो आपकी इमेज की sharpness कम हो सकती है। इसलिए इसे संभाल कर इस्तेमाल करें। 

details

इसके बाद के sections हैं 

  • Lens Corrections
  • Transform
  • Effects
  • Calibration

ये चारों सेक्शन beginners के लिए नहीं हैं इसलिए मैं इनके बारे में इस आर्टिकल में नहीं लिख रहा हूँ। यदि आपको इनके बारे में जानना है तो मेरे आने वाले आर्टिकल में पढ़ सकते हैं। 

अब आते हैं preset सेक्शन प। जब आप किसी फोटो को एडिट करते हैं तो बहुत से sliders को आगे या पीछे करते हैं। ये presets उन्ही सेटिंगस को सेव करके बनाए जाते हैं, जब आप किसी फोटो पर कोई प्रीसेट अप्लाइ करते हैं तो आपके फोटो की सभी sliders उस प्रीसेट मे डिफाइन किए गए सेटिंग के हिसाब से अजस्ट हो जाती हैं। इससे आपको प्रत्येक फोटो पर एक ही काम बार बार नहीं करना पड़ता। 

लेकिन क्योंकि सभी फोटो एक जैसे नहीं होते इसलिए सभी फ़ोटोज़ पर आप एक ही प्रीसेट apply नहीं कर सकते । आपको समझना होगा की कौन से फोटो पर कौन स प्रीसेट ठीक लगेगा। सौभाग्य से लाइटरूम में जब आप किसी preset के ऊपर माउस ले जाते हैं तो preset section  के ऊपर के preview में आपको दिखेगा की इस प्रीसेट को apply करने से फोटो कैसी दिखेगी। सो आप किसी भी प्रीसेट को अप्लाइ करने से पहले देख कर निर्णय ले सकते हैं कीकौन स प्रीसेट आपको पसंद आता यही। 

एक बात और आरूरी नहीं की जो preset आपने apply किया वो वैसे का वैसे आपको पसंद आ जाए तो ऐसी स्थिति में आप preset apply करने केबाद अपनी  पसंद के अनुसार फोटो के स्लाइडर को adjust कर सकते हैं। 

मैं उम्मीद करता हूँ की ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और यदि आपके मान में किसी तरह का कोई सवाल है लाइटरूम के किसी स्लाइडर के बारे में , तो नीचे कमेंट्स में लिखें। मीन पूरी कोशिश करूंगा आपके सवालों के जवाब देने की

how to import in lightroom

How to import in lightroom in hindi

How to import in lightroom

लाइटरूम एक बहुत ही लोकप्रिय फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर है जिसे अडोबी ने बनाया है।  ये मुख्यतः अपने फास्ट वर्किंग स्पीड के लिए जाना जाता है। क्योंकि इसमें आप एक बार में बहुत से फोटोस को एक बार में एडिट कर सकते हैं। इसे बैच एडिटिंग कहते हैं। 

इसके लिए आपको सिर्फ एक फोटो को एडिट करना होता है और उसके बाद जो भी एडिट आपने उस फोटो में की है उनकी सेटिंगस को आप उस फोटो जैसी दूसरी फ़ोटोज़ पर paste कर दीजिए। आपके सभी फ़ोटोज़ 5 मिनट में एडिट होकर तैयार हैं। यहाँ ध्यान रखने वाली बात ये है की ऐसा नहीं है की आपके पास 100-200 फ़ोटोज़ हैं  और आपको सिर्फ एक फोटो एडिट करने से काम चल जाएगा। हाँ एक जैसे जीतने भी फ़ोटोज़ होंगे वो सभी एक बार में एडिट किए जा सकते हैं। 

इसे ऐसे समझें की मान लिया आप किसी डांस प्रतियोगिता को शूट कर रहे हैं। जाहिर सी बात है अलग अलग प्रतियोगियों के लिए अलग अलग लाइट सेटअप होंगी और कोई परफॉरमेंस ग्रुप में होगी कोई सिंगल परफ़ॉर्मर होगा कोई कपल परफ़ॉर्मर भी होंगे। काम्पिटिशन के बाद अवॉर्ड फंक्शन भी होंगे। 

तो इनमे से आप एक तरह की फ़ोटोज़, जैसे अवॉर्ड फ़ंक्शन की ज्यादातर फ़ोटोज़ एक जैसी होंगी क्योंकि सभी फ़ोटोज़ का बैकग्राउंड एक जैसा होगा,लाइटिंग भी एक जैसी ही होगी, सिर्फ अवॉर्ड पाने वालों के चेहरे बदलते जाएंगे। 

उसी तरह हर परफॉरमेंस में भी कुछ न कुछ फ़ोटोज़ एक जैसे ही होंगे। तो उन फ़ोटोज़ को आप एक बार में एडिट कर सकते हैं। आपको सिर्फ एक फोटो को एडिट करना है और उसके बाद उस फोटो की एडिट सेटिंगस को कॉपी कर लेना है। उसके बाद आपको जो भी  फोटो पिछले फोटो से मिलता जुलता लगे उसपर उसकी सेटिंगस paste कर  दें। आपकी फोटो तैयार है। ये काम कैसे का तरीका क्या है सके बारे में दूसरे पोस्ट में बात करेंगे। 

अभी ये समझ लीजिए की लाइटरूम में फोटो एडिट करने से पहले आपको सभी फ़ोटोज़ को लाइटरूम में इम्पोर्ट करना होता है। लाइटरूम में आप उसी फोटो को एडिट कर सकते हैं जिसे आपने लाइटरूम में इम्पोर्ट कर रखा हो। आइए देखते हैं लाइटरूम  में फोटो कैसे इम्पोर्ट करें 

सबसे पहले ये समझते हैं की लाइटरूम में इम्पोर्ट का क्या मतलब है। 

जैसा की आप जानते हैं लाइटरूम एक non destructive एडिटिंग सॉफ्टवेयर है। जो नहीं जानते उनके लिए बता  दूँ की लाइटरूम में फोटो एडिट करने से आपकी original फोटो में कोई चेंज नहीं आता। जब आप कोई फोटो लाइटरूम में इम्पोर्ट करते हैं तो लाइटरूम एक catlog में उस फोटो की सारी डिटेल्स सेव कर के रखता है और जब आप फोटो को एडिट करते हैं तो वो अपने कटलॉग में  ही चेंज करता है इस तरह आपकी original फाइल में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं आता। आपको याद होगा की कैसे एक बार जब आप फॉटोशॉप में किसी फोटो की बैकग्राउंड डिलीट कर के सेव कर देते हैं तो आप उसे वापस नहीं ला सकते। लेकिन लाइटरूम में ऐसी समस्या नहीं है, आपको जो भी करना है कर लीजिए फोटो के साथ और आपकी अरिजनल फोटो जैसे की तैसे रह जाती है। 

इसलिए जब आपको किसी फोटो को लाइटरूम में एडिट करना हो तो उसे उसके catlog में जोड़ना जरूरी होता है। यहाँ मैं एक बात बात दूँ की आप लाइटरूम में सिर्फ फ़ोटोज़ ही नहीं वीडियोज़ भी इम्पोर्ट कर सकते हैं और बाद में देख सकते हैं, लेकिन आप वीडियोज़ को एडिट नहीं कर सकते। 

आप सोचेंगे की आपकी फ़ोटोज़ तो आपने पहले से अपने कंप्युटर में सेव कर रखी है तो लाइटरूम में इम्पोर्ट करंगे तो ये तो आपके फोटो की दूसरी कॉपी बना लेगा फालतू में डबल स्पेस खा  जाएगा आपके हार्ड डिस्क की। तो मैं बात दूँ की ऐसा नहीं है, आपको फोटो सिर्फ एक बार ही कंप्युटर में रखनी होती है। 

जब आप किसी फोटो को लाइटरूम  में इम्पोर्ट करना चाहते हैं तो लाइटरूम आपको कई options देता हैइसे नीचे के फोटो से समझें 

बाईं तरफ के source सेक्शन के नीचे फ़ोल्डर ब्राउजर है, यहाँ आपको वो फ़ोल्डर सिलेक्ट करना होता है जहां से आपको फ़ोटोज़ इम्पोर्ट करनी है। 

इसके बाद ऊपर बीच में आप  देख सकते हैं 4 options 

पहला है copy as DNG

यदि आप इस ऑप्शन को सिलेक्ट करते हैं तो लाइटरूम आपके फोटो की एक कॉपी एक फ़ोल्डर में dng फॉर्मैट में कॉपी कर लेता है, DNG अडोबी का अपना RAW इमेज फॉर्मैट है। 

दूसरा है copy 

इसमें भी लाइटरूम आपकी फोटो को एक फ़ोल्डर में कॉपी कर देता है लेकिन इसमें लाइटरूम फोटो के फॉर्मैट को बदलता नहीं है। जैसे यदि आपकी फोटो jpeg फॉर्मैट में है या raw फॉर्मैट में है तो वैसे का वैसा ही कॉपी कर देता है। 

तीसरा है move 

इसमें लाइटरूम आपकी फोटो की कॉपी एक नए फ़ोल्डर में बना देता है और पुराने फ़ोल्डर में जहां ये था वहाँ से delete कर देता है। यदि आपकी फोटो मेमोरी कार्ड में है तो वहाँ  से इस तरह से इम्पोर्ट करना बेहतर होता है। क्योंकि इससे आपको बाद में मेमोरी कार्ड से इमेज delete करने का झंझट नहीं रहता । 

चौथा है  add 

इस ऑप्शन के इस्तेमाल से लाइटरूम आपके फोटो को जहां है वही छोड़ देता है और सिर्फ अपने catlog में जोड़ लेता है। यदि आपने अपने फोटो को लाइटरूम में इम्पोर्ट करने के पहले ही कंप्युटर में कॉपी कर लिया है तो ये option आपके लिए ही है।  इससे आपकी अरिजनल फोटो जहां थी और जैसी थी वैसी की  वैसी रह जाती है। 

तारीख या फ़ोल्डर का नाम

यहाँ मैं बात दूँ की जब आप लाइटरूम में फोटो इम्पोर्ट करते हैं तो लाइटरूम आपके कंप्युटर में वर्ष, महीने, और तिथि के नाम से एक फ़ोल्डर बना कर कॉपी करता है। इससे जब आप लाइटरूम का catlog चेक करेंगे तो तये आपको आपके फ़ोटोज़ को date फॉर्मैट में दिखाएगा। यदि आपको ये फॉर्मैट पसंद नहीं है या आपने अपने फ़ोटोज़ को पहले ही event के नाम से फ़ोल्डर बना कर उसमें कॉपी किया हुआ है तो आपको चौथा ऑप्शन इस्तेमाल करना चाहिए। 

इसे ऐसे समझें, मान लिया आप अभी तक अपने फ़ोटोज़ को ईवेंट के नाम से जैसे की रवि शर्मा की शादी या मनाली ट्रिप,  जैसे नाम से बने हुए फ़ोल्डर में सेव किया हुआ है और आपने इसे लाइटरूम में डेट फॉर्मैट में इम्पोर्ट कर लिया तो आपको फ़ोटोज़ को खोजने के लिए उसकी date याद रखनी होगी। लेकिन यदि आपने फोटो को सिर्फ add किया है अपने पुराने फ़ोल्डर स्ट्रक्चर के साथ तो आप लाइटरूम में भी फ़ोटोज़ को अपने फ़ोल्डर नाम से खोज सकते हैं। 

इसमे कोई भी फॉर्मैट सही या गलत नहीं है ये आपके personal preference की बात है की आपको क्या पसंद है। 

तो जब आपने फोटो को catlog में जोड़ने का ऑप्शन सिलेक्ट कर लिया तो उसके बाद आपको नीचे दाईं तरफ इम्पोर्ट बटन दिखेगा। इसे क्लिक कीजिए और थोड़ी ही देर में आपके फ़ोटोज़ लाइटरूम में इम्पोर्ट हो जाएंगे। 

इम्पोर्ट होने के बाद आपका स्क्रीन कुछ इस तरह दिखेगा। 

यहाँ आप देख सकते हैं लाइटरूम फ़ोटोज़ को इम्पोर्ट करने के बाद कैसा दिखता है।  बाईं तरफ फ़ोल्डर ब्राउजर है जहां  से आप सेलेक्ट कर सर सकते हैं की कौन सी फ़ोल्डर या कलेक्शन की फोटो आपको देखनी है। 

नीचे एक फिल्म स्ट्रिप में भी आप फ़ोटोज़ देख सकते हैं। ये फिल्म स्ट्रिप आपको develop module में भी दिखेगी। develop module वो सेक्शन है जहां आप फ़ोटोज़ एडिट करते हैं। लाइटरूम में फोटो कैसे एडिट करते हैं उसके लिए मेरा दूसरा आर्टिकल how to edit in  lightroom पढ़े। 

मैं उम्मीद करता हूँ की आपको लाइटरूम में फोटो इम्पोर्ट करने का तरीका अच्छे से समझ में आ गया होगा। यदि आपके मन में किसी तरह का सवाल है लाइटरूम में इम्पोर्ट के संबंध में, तो नीचे कमेन्ट में लिखें। मैं पूरी कोशिश करूंगा आपके सवालों के जवाब देने के । 

मैं उम्मीद करता हूँ की आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा।